गयाजी डेस्क। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के लहेरिया टोला की रहने वाली रेखा अग्रवाल व उनके दिव्यांग पति योगेंद्र अग्रवाल के घर तोड़ने आए दबंगों की दबंगई का सोशल मीडिया पर सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहा है। जहां देखा जा रहा कि दबंगो के दबंगई से महिला रेखा अग्रवाल बेहोश होकर जमीन पर गिरते नजर आईं है। इस घटना उनके दिव्यांग पति से मारपीट का आरोप लगे हैं।
दरसअल मामला, जमीन विवाद से जुड़ा बताया जाता है। पीड़िता ने यह आरोप भतीजा तरुण कुमार अग्रवाल पर लगाया है। पीड़िता ने बताया कि भतीजा तरुण अग्रवाल अपने 4 से 5 गुर्गों के साथ मेरे घर को तोड़ने का प्रयास किया है। जब इसका विरोध किया तो जानलेवा हमला करने लगा और मैं इस बेहोश होकर गिर गईं। जबकि मामला न्यायालय में भी चल रहा है। इस मामले में दोनों से प्राथमिकी भी कोतवाली थानें में दर्ज है।
*पीड़ित महिला ने सोशल मीडिया पर लिखकर मदद की प्रशासन से लगाई गुहार*
स्थान: लहेरिया टोला मोहल्ला, गया, बिहार।
तारीख़: आज, 31.10.25
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मैं और मेरे विकलांग पति गया, बिहार के लहेरिया टोला में रहते हैं। आज श्री तरुण और श्री बिपेंद्र सहित 4-5 गुंडे बिना किसी कानूनी आदेश के हमारा बना-बनाया घर ज़बरदस्ती तोड़ रहे हैं।
विरोध करने पर हमें बेरहमी से मारा-पीटा गया। मेरे विकलांग पति को भी नहीं छोड़ा गया।
सबसे शर्मनाक बात यह है कि जब हमने पुलिस को बुलाया, तो पुलिस तमाशा देखती रही और कहा, “ये तोड़ेंगे, आप अदालत जाइए।”
क्या एक वृद्ध और असहाय दंपति को शांति से रहने का इतना भी हक नहीं है? क्या न्याय के लिए पहले घर का पूरी तरह टूटना ज़रूरी है?
तत्काल मदद की गुहार
हम भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारियों, बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हैं।
*दूसरे पक्ष भी सोशल मीडिया लिखा मेरे खिलाफ झूठी और भ्रामक खबरें फैलाई जा रही*
लहरिया टोला की रेखा अग्रवाल द्वारा तरुण कुमार के खिलाफ झूठी और भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं कि वे गैरकानूनी रूप से तोड़फोड़ कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वहाँ जो भी कार्य हो रहा है, वह सरकारी अनुमति और कानून के तहत हो रहा है। रेखा अग्रवाल और उनके परिवार द्वारा सोशल मीडिया पर झूठा प्रचार किया जा रहा है कि तरुण कुमार ने उन्हें मारा-पीटा, जबकि वीडियो में साफ दिख रहा है कि उन्होंने किसी को छुआ तक नहीं। वे उन सभी के कमेंट डिलीट कर रही है जो उनकी झूठी बातो का ततथ्य मांग रहे है वे अपने गलत पोस्ट से लोगों को गुमराह कर रही हैं।
गौरतलब हो कि इसे लेकर रेखा अग्रवाल ने कोतवाली थाना में दर्ज कराई प्राथमिकी संख्या 350/25 में कहा है, कि हमारे शांतिपूर्ण कब्जे में कई दशको से संपत्ति है, जिसका होल्डिंग संख्या 65 नया 86 पुराना, पीआईडी संख्या 70017328 है.
प्रोबेट केस संख्या 08/2008 (नरेंद्र कुमार अग्रवाल एवं अन्य बनाम सुरेंद्र कुमार एवं अन्य) एडीजी प्रथम गया की अदालत ने निर्णय किया. दिनांक 10 अप्रैल 2015 को निर्णय किया, जिसमें योगेंद्र कुमार अग्रवाल एवं अन्य के पक्ष में और प्रोबेट किया. कहा कि नरेंद्र कुमार को सामने से 16 फीट 8 इंच की जगह आवंटित की गई थी. किंतु संपत्ति हड़पने और हमारी आवंटित संपत्ति पर अवैध कब्जा करने की अपराधिक साजिश से 17 जुलाई को तरुण कुमार अग्रवाल और बिपेंद्र कुमार अग्रवाल ने चार-पांच अज्ञात लोगों के साथ हमारी दीवार को ध्वस्त कर दिया था. वहीं, हमारे हिस्से में अवैध रूप से घुस आए. इस दौरान उन्होंने एक लाख का इलेक्ट्रॉनिक को भी तोड़ दिया और चुरा लिया, जिसे तरुण कुमार अग्रवाल और बिपेंद्र कुमार अग्रवाल अपने साथ ले गए और अभद्र व्यवहार भी किया. इस मामले को लेकर कोतवाली थाना में कांड संख्या 325/25 दर्ज की गई है.
वहीं, इस मामले में रेखा अग्रवाल ने पुलिस के अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
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