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35 वर्षों से लगातार विधायक, कई विभागों के मंत्री रहे डॉ प्रेम कुमार ने गया का विकास को रखा अधूरा : प्रो0 विजय कुमार मिट्ठू

Gaya (मनीष कुमार): गया शहर के गांधी मैंदान स्थित गांधी मंडप में अति प्राचीन, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त, विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपना स्थान रखने वाला मोक्ष एवं ज्ञान की धरती गया शहर के लंबित पुरानी मांगे, जन समस्याओं, भ्रष्टाचार, घोटाला महापुरुषों तथा ऐतिहासिक, गौरवशाली धरोहरों की बदहाली एवं उपेक्षा के खिलाफ कॉंग्रेस पार्टी का जन आक्रोश चौपाल लगाया गया।

जन आक्रोश चौपाल में बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता प्रो0 विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व जिलाध्यक्ष सह प्रदेश प्रतिनिधि डॉ गगन कुमार मिश्रा, बिहार प्रदेश कॉंग्रेस आई.टी सेल के प्रदेश महामंत्री मोहम्मद नवाब अली, प्रदेश प्रतिनिधि कुंदन कुमार, जिला कॉंग्रेस सेवादाल के टिंकू गिरी, जिला कॉंग्रेस सचिव साहिल गुप्ता, अजलान खान, नवीन कुमार, ऋषिकेश कुमार, दीपेन्द्र शर्मा, अभिषेक श्रीवास्तव, सुनील कुमार सिन्हा आदि ने कहा कि गया शहर के 35 वर्षों से लगातार विधायक रहे डॉ प्रेम कुमार सूबे के कई महत्त्वपूर्ण विभागों के मंत्री सहित नेता प्रतिपक्ष विधानसभा रहने के बाद भी गया का विकास अधूरा है।

दूसरी ओर गया नगर निगम के ब्रांड एंबेसडर शहर के बीचों-बीच स्थित राजेंद्र टावर, राष्ट्रीयपिता प्रतिमा स्थल, आजाद पार्क, कोतवाली स्थिति एवं धामि टोला स्थित शहीद स्मारक, जवाहरलाल नेहरू प्रतिमा स्थल, जवाहर टाउन हॉल, हरिहर सुब्रह्मण्यम स्टेडियम, इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, श्मशान घाट स्थित विद्युत शव दाह गृह, जानवर शव दाह गृह की हालत खराब है।

 

वर्षों से राज्य सरकार से मांग के बाद भी गया को देश के स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल नहीं करने, गया केंद्रीय कारा का नामकरण शहीद बैकुण्ठ शुक्ल केंद्रीय कारा नहीं करने, गया को राज्य का पर्यटन राजधानी बनाने, गया व्यवहार न्यायालय के उच्च न्यायालय का बेंच स्थापित करने, अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को एम्स का दर्जा देने आदि मांगे अभी तक पूरा नहीं किया गया।

नेताओ ने पूर्व मध्य रेल्वे जंक्शन को क्षेत्रीय रेल्वे जोन बनाने, यहाँ से बंगलुरु, अहमदाबाद, हैदराबाद की सीधी ट्रेन शुरू करने आदि सभी मांगों को जन आक्रोश चौपाल में शामिल लोगों ने बारी-बारी से उठाया। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद 25 सूत्री ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन ट्वीट तथा मेल के माध्यम से भेजा गया।

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