- अयोध्या में भव्य ध्वजारोहण को लेकर जहानाबाद के सांसद ने दिया विवादित बयान
बोधगया। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थस्थल बोधगया में मंगलवार को रात में फ्रांस से आकर शिक्षा और सामाजिक सेवा को अपना जीवन समर्पित करने वाली मम्मी जी का 85वां जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्थानीय बौद्ध समुदाय और भक्तों ने मिलकर केक काटकर उनका जन्मदिन मनाया. 
बोधगया में आयोजित एक निजी होटल में इस विशेष अवसर पर परिवार के सदस्यों, विद्यार्थियों, सहयोगियों और क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने उपस्थित होकर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मम्मी जी चैरिटेबल ट्रस्ट के छोटे-छोटे बच्चों के द्वारा एक से बढ़कर एक रंगारंग कार्यक्रम आयोजित भी किया गया. फ्रांस के महिला मम्मी जी, जिन्होंने वर्षों पहले फ्रांस से भारत आकर बोधगया में शिक्षा के प्रसार को अपना ध्येय बनाया, आज क्षेत्र में समर्पण, त्याग और मानवता की प्रतीक मानी जाती हैं। उनके प्रयासों से अनगिनत बच्चों ने न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे है, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने का उत्साह भी पाया। समाज के प्रति उनके योगदान को देखते हुए स्थानीय लोगों ने इस अवसर को एक प्रेरणादायक उत्सव के रूप में मनाया।
इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित अतिथि मौजूद रहे, जिनमें जहानाबाद के सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव, गया कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर सतीश सिंह चंद्र, तथा बोधगया जिला परिषद की सदस्य ज्योति पासवान शामिल थीं। समारोह के दौरान उपस्थित जनों ने फ्रांसीसी महिला मम्मी जी के सामाजिक और आध्यात्मिक योगदान का उल्लेख करते हुए उन्हें बोधगया की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा बताया। स्थानीय लोगों ने कहा कि विदेशी होते हुए भी उन्होंने भारतीय संस्कृति, विशेषकर बौद्ध परंपरा को अपना जीवन समर्पित कर उदाहरण पेश किया है।
इस मौके पर समाजसेवी मुन्ना पासवान ने कहा कि बहुत ही स्वभाव की बात है कि फ्रांस से आकर मम्मी जी पूरा जीवन अपना बोधगया में समर्पित कर दी. आज उनका 85वा जन्मदिन बहुत ही धूमधाम से केक काटकर मनाया गई. आज का एक और खुशी की बात है की मम्मी जी चैरिटेबल ट्रस्ट का एनुअल फंक्शन भी मनाया गया. इस अवसर पर बच्चों के द्वारा रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया. हम लोग कामना करते हैं की मम्मी जी 110 नहीं 120 वर्ष तक अपना जिंदगी जिए और बच्चों का सेवा करते रहे. मम्मी जी ट्रस्ट के माध्यम से छोटे-छोटे बच्चों में शिक्षा के प्रति एक अलग जगह रही है. 15-16 वर्षों से मम्मी जी के साथ में मैं भी ट्रस्ट के माध्यम से जुड़कर काम करने का अवसर मिला है. हमने भी मम्मी जी के साथ पूरा जीवन अपना समर्पित कर दिया हूं.
इस बीच, समारोह के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान जहानाबाद के सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव का अयोध्या में किए जा रहे भव्य ध्वजारोहण को लेकर दिया गया बयान चर्चा का केंद्र बन गया। उनसे जब अयोध्या में हुए विशाल ध्वजारोहण पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि ध्वज किस दिशा में फहर रहा है, यह स्वयं में एक संकेत देता है। उन्होंने उड़ीसा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी भव्य ध्वजारोहण किए जाते हैं और दिशा के आधार पर कई संकेत समझे जाते हैं।
सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव ने यह भी कहा कि यदि हवा पूर्व दिशा से बह रही हो, तो ध्वज को पश्चिम की ओर फहरना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि तूफान भी प्रायः पूर्व दिशा से आता है, इसलिए ध्वज का उसी ओर झुकना या फहरना कुछ संदेश देता है। अयोध्या में हुए ध्वजारोहण को लेकर उन्होंने कहा कि वह स्वयं अभी इसे देख नहीं पाए हैं, इसलिए ध्वज किस दिशा में फहर रहा है, इसका अवलोकन करने के बाद ही वह अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया देंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या प्रभु श्रीराम की नगरी है, और किसी भी प्रकार के अपमान का उन्हें कोई अधिकार नहीं है। हालांकि, उनके कथनों को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में बहस शुरू हो गई है।
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